सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लगाई मुहर, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को मिलेंगे 10 नए जज
10 नियुक्तियों के बाद भी हाईकोर्ट में 17 जजों के पद खाली

सत्य खबर हरियाणा
Punjab and Haryana High Court : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबे समय से जजों की भारी कमी के बीच न्यायिक व्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए 10 वकीलों को जज नियुक्त किए जाने की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। अदालत में लंबित मामलों की संख्या चार लाख के पार पहुंच चुकी है। इसकी बड़ी वजह यह है कि हाईकोर्ट में जजों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत क्षमता 85 है, लेकिन वर्तमान में इस हाईकोर्ट में केवल 58 जज ही कार्यरत हैं, जिससे अदालत पर मामलों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कॉलेजियम ने जिन दस वकीलों के नामों को स्वीकृति दी है, उनमें हरियाणा के एडवोकेट जनरल प्रविंद्र सिंह चौहान के अलावा मोनिका छिब्बर शर्मा, हरमीत सिंह देओल, पूजा चोपड़ा, सुनीश बिंदलिश, नवदीप सिंह, दिव्या शर्मा, रविंदर मलिक, राजेश गौड़ और मिंदरजीत यादव के नाम शामिल हैं।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में इन जजों की नियुक्ति के बाद न्यायिक प्रक्रिया में फैसलों में तेजी आएगी। बता दें कि पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मामलों की सुनवाई करने वाले इस हाईकोर्ट में जजों की कमी लंबे समय से गंभीर चिंता का विषय रही है।
ऐसे में सीमित न्यायिक संसाधनों के कारण न केवल सुनवाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि नए मामलों के तेजी से बढ़ते बोझ ने न्यायिक प्रक्रिया की गति पर भी असर डाला।पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट लंबे समय से जजों की कमी और बढ़ते लंबित मामलों की चुनौती से जूझ रहा है।
राष्ट्रपति की अधिसूचना से होगी नियुक्ति
न्यायिक पदों पर नई नियुक्तियों से न केवल अदालत की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत तेज हो सकेगी। जानकारों के अनुसार, कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब इन नामों को केंद्र सरकार के पास औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति और अधिसूचना जारी होने के बाद ये नियुक्तियां प्रभावी होंगी।
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